अंतरिक्ष रीयलटेक प्राइवेट लिमिटेड के तीन निदेशक, राकेश यादव, राजबीर सिंह गोयत और मगन चंद जैन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है. तीनो आरोपियोंको तीन मार्च को एसीजेएम, की अदालत में हाजिर होना होगा. उनके खिलाफ चार्जशीटआईपीसी धारा 406 और 420 के तहत दर्ज की गई है.
ये एफआई आर इंदिरापुरम के अंतरिक्ष संस्कृति नामक प्रोजेक्ट के आवासीय फ्लैटों को अवैध रूप से बेचकर फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी करने के लिए दायर की गयी है.
इस प्रोजेक्ट में 2010-11 में फ्लैट बुक करने वाले 1200 से अधिक घर ख़रीदार लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं. कई लोग आर्थिक परेशानियों से भी गुजर रहे हैं.
जब उन्होंने फ्लैट बुक किए थे तो अंतरिक्ष ग्रुप ने खुलासा नहीं किया कि प्रोजेक्ट की भूमि पर उसका स्वामित्व नहीं है. बिल्डर-खरीदार समझौते के अनुसार, वर्ष 2014 में फ्लैटों का कब्जा दिया जाना था.
घर के खरीदारों ने फ्लैटों के कुल मूल्य का लगभग 90-95% भुगतान कर दिया है. किन्तु प्रोजेक्ट को 42 करोड़ रुपये के कंपाउंडिंग शुल्क के भुगतान नहीं किये जाने के कारण 23 मार्च, 2018 से गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा सील कर दिया गया है.
बिल्डर ने देरी के लिए भी कोई मुआवजा देने से इनकार कर दिया है, भले ही खरीदारों को किराए के साथ-साथ गृह ऋण की ईएमआई का भुगतान करने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे उन्हें गंभीर वित्तीय संकट और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पद रहा है.
बिल्डऱ ने यूपी-डेरा वेबसाइट पर इस प्रोजेक्ट की समाप्ति अवधि को धोखाधड़ी से चरणबद्ध तरीके से बताया है:
फेज -१: UPRERAPRJ10818 ( 23.04.2011 से 23.04.2019)
फेज-२: UPRERAPRJ10928 (23.01.2014 से 23.01.2022)
फेज -३: UPRERAPRJ11055 (०१.०१.२०१५ से 01.01.2023)
इस मामले में तारीखें बिल्डर बायर्स एग्रीमेंट के मुताबिक नहीं होने का कारण धोखाधड़ी का है. बिल्डर -बायर्स समझौते के अनुसार 2014 में प्रोजेक्ट हैंडओवर होना था.